What is Shree Suktam Stotra?
Shree Suktam Stotra is one of the most revered Vedic hymns dedicated to Goddess Mahalakshmi. It is traditionally associated with the Rigvedic tradition and is widely recited during Lakshmi Puja, Diwali, Friday worship, and various spiritual practices dedicated to prosperity and divine grace.
The word “Shree” signifies divine prosperity, abundance, auspiciousness, and spiritual wealth, while “Suktam” refers to a sacred Vedic hymn. Together, Shree Suktam is a powerful prayer that glorifies Goddess Lakshmi as the source of abundance, purity, nourishment, wisdom, and well-being.
For devotees, Shree Suktam is not merely a prayer for material prosperity but also a spiritual invocation for inner peace, gratitude, righteous living, and divine blessings.
Quick Information
Name: Shree Suktam Stotra
Associated Deity: Goddess Mahalakshmi
Language: Sanskrit
Best Day: Friday
Best Time: Morning or Evening
Main Purpose: Lakshmi Worship & Divine Blessings
Spiritual Significance: Vedic Hymn Dedicated to Prosperity
Reading Duration : 10–15 Minutes
Benefits: Devotion, Gratitude, Spiritual Growth
Shree Suktam Stotra in Hindi Lyrics
॥श्री सूक्तम हिंदी अर्थ के साथ॥
हरिः ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम् ।
चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह ॥
हिंदी अर्थ:
हे अग्निदेव! आप उस देवी लक्ष्मी को मेरे पास लाएँ जो स्वर्ण के समान दिव्य आभा वाली, हरिणी के समान कोमल, स्वर्ण और रजत की मालाओं से विभूषित तथा चन्द्रमा के समान शीतल और तेजस्विनी हैं।
तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम् ।
यस्यां हिरण्यं विन्देयं गामश्वं पुरुषानहम् ॥
हिंदी अर्थ:
हे अग्निदेव! आप ऐसी स्थिर रहने वाली लक्ष्मी को मेरे पास लाएँ, जिनकी कृपा से मुझे स्वर्ण, गौएँ, घोड़े तथा योग्य सेवक और श्रेष्ठ मनुष्यों की प्राप्ति हो।
अश्वपूर्वां रथमध्यां हस्तिनादप्रबोधिनीम् ।
श्रियं देवीमुपह्वये श्रीर्मा देवी जुषताम् ॥
हिंदी अर्थ:
मैं उस श्रीदेवी का आह्वान करता हूँ जिनके आगे घोड़े, मध्य में रथ और जिनके आगमन का संकेत हाथियों की गर्जना से होता है। वे देवी मुझ पर प्रसन्न हों और मुझे अपना आश्रय प्रदान करें।
कां सोस्मितां हिरण्यप्राकारामार्द्रां ज्वलन्तीं तृप्तां तर्पयन्तीम् ।
पद्मे स्थितां पद्मवर्णां तामिहोपह्वये श्रियम् ॥
हिंदी अर्थ:
मैं उस लक्ष्मी देवी का आह्वान करता हूँ जो मधुर मुस्कान वाली, स्वर्णमय प्राकारों से घिरी हुई, करुणामयी, तेजस्विनी, स्वयं तृप्त और दूसरों को तृप्त करने वाली हैं तथा कमल पर विराजमान और कमल के समान सुंदर हैं।
प्रभासां यशसा लोके देवजुष्टामुदाराम् ।
पद्मिनीमीं शरणमहं प्रपद्येऽलक्ष्मीर्मे नश्यतां त्वां वृणे ॥
हिंदी अर्थ:
मैं संसार में यशस्वी, दिव्य तेज से युक्त, देवताओं द्वारा पूजित और उदार स्वभाव वाली कमलिनी स्वरूपा लक्ष्मी की शरण ग्रहण करता हूँ। मेरी दरिद्रता और दुर्भाग्य नष्ट हों, मैं आपको ही वरण करता हूँ।
आदित्यवर्णे तपसोऽधिजातो वनस्पतिस्तव वृक्षोऽथ बिल्वः ।
तस्य फलानि तपसानुदन्तु मायान्तरायाश्च बाह्या अलक्ष्मीः ॥
हिंदी अर्थ:
हे सूर्य के समान तेजस्विनी देवी! आपके तप से उत्पन्न बिल्व वृक्ष के फल मेरे जीवन की सभी बाधाओं, माया से उत्पन्न कष्टों तथा दरिद्रता को दूर करें।
उपैतु मां देवसखः कीर्तिश्च मणिना सह ।
प्रादुर्भूतोऽस्मि राष्ट्रेऽस्मिन् कीर्तिमृद्धिं ददातु मे ॥
हिंदी अर्थ:
मुझे देवताओं के प्रिय मित्र कुबेर तथा यश और ऐश्वर्य प्राप्त हों। मैं इस राष्ट्र में सम्मानपूर्वक प्रतिष्ठित होऊँ और मुझे कीर्ति एवं समृद्धि प्राप्त हो।
क्षुत्पिपासामलां ज्येष्ठामलक्ष्मीं नाशयाम्यहम् ।
अभूतिमसमृद्धिं च सर्वां निर्णुद गृहात् ॥
हिंदी अर्थ:
मैं भूख, प्यास, अभाव और दुर्भाग्यरूप अलक्ष्मी का नाश करता हूँ। हे देवी! मेरे घर से सभी प्रकार की निर्धनता और असमृद्धि को दूर कर दें।
गन्धद्वारां दुराधर्षां नित्यपुष्टां करीषिणीम् ।
ईश्वरींग् सर्वभूतानां तामिहोपह्वये श्रियम् ॥
हिंदी अर्थ:
मैं उस लक्ष्मी देवी का आह्वान करता हूँ जो सुगंध फैलाने वाली, अजेय, सदैव पुष्ट रहने वाली तथा समस्त प्राणियों की अधिष्ठात्री ईश्वरी हैं।
मनसः काममाकूतिं वाचः सत्यमशीमहि ।
पशूनां रूपमन्नस्य मयि श्रीः श्रयतां यशः ॥
हिंदी अर्थ:
हमारे मन की शुभ इच्छाएँ पूर्ण हों, हमारी वाणी सत्य बने। हमें पशुधन, अन्न, सौंदर्य, समृद्धि और यश की प्राप्ति हो तथा श्रीदेवी सदैव हमारे साथ निवास करें।
कर्दमेन प्रजाभूता सम्भव कर्दम ।
श्रियं वासय मे कुले मातरं पद्ममालिनीम् ॥
हिंदी अर्थ:
हे कर्दम ऋषि! जिनसे संतानों की वृद्धि हुई है, आप मेरे कुल में कमलमाला धारण करने वाली माता लक्ष्मी का स्थायी निवास कराएँ।
आपः सृजन्तु स्निग्धानि चिक्लीत वस गृहे ।
नि च देवी मातरं श्रियं वासय कुले ॥
हिंदी अर्थ:
जल देवता सुख, शीतलता और समृद्धि प्रदान करें। हे देवी! आप मेरे घर और कुल में माता लक्ष्मी का स्थायी निवास कराएँ।
आर्द्रां पुष्करिणीं पुष्टिं पिङ्गलां पद्ममालिनीम् ।
चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह ॥
हिंदी अर्थ:
हे अग्निदेव! आप उस लक्ष्मी को मेरे पास लाएँ जो करुणामयी, पुष्टिदायिनी, स्वर्णिम आभा वाली, कमलमाला धारण करने वाली तथा चन्द्रमा के समान शीतल और तेजस्विनी हैं।
आर्द्रां यः करिणीं यष्टिं सुवर्णां हेममालिनीम् ।
सूर्यां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह ॥
हिंदी अर्थ:
हे अग्निदेव! आप उस देवी लक्ष्मी को मेरे पास लाएँ जो दयामयी, स्वर्ण के समान तेजस्विनी, स्वर्णमाला से अलंकृत और सूर्य के समान प्रकाशमान हैं।
तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम् ।
यस्यां हिरण्यं प्रभूतं गावो दास्योऽश्वान् विन्देयं पूरुषानहम् ॥
हिंदी अर्थ:
हे अग्निदेव! ऐसी स्थिर लक्ष्मी को मेरे पास लाएँ जिनकी कृपा से मुझे प्रचुर स्वर्ण, गौएँ, सेवक, घोड़े और श्रेष्ठ मनुष्यों की प्राप्ति हो।
यः शुचिः प्रयतो भूत्वा जुहुयादाज्यमन्वहम् ।
सूक्तं पञ्चदशर्चं च श्रीकामः सततं जपेत् ॥
हिंदी अर्थ:
जो व्यक्ति शुद्ध और एकाग्र होकर प्रतिदिन घृत की आहुति देता है तथा लक्ष्मी की इच्छा रखने वाला यह श्रीसूक्त निरंतर जपता है, उसे देवी की कृपा प्राप्त होती है।
पद्मानने पद्म ऊरु पद्माक्षी पद्मासम्भवे ।
त्वं मां भजस्व पद्माक्षी येन सौख्यं लभाम्यहम् ॥
हिंदी अर्थ:
हे कमलमुखी, कमल-जंघा वाली, कमलनयनी और कमल से उत्पन्न देवी! मुझ पर कृपा करें ताकि मैं जीवन में सुख और आनंद प्राप्त कर सकूँ।
अश्वदायि गोदायि धनदायि महाधने ।
धनं मे जुषताम् देवी सर्वकामांश्च देहि मे ॥
हिंदी अर्थ:
हे देवी! आप घोड़े, गौएँ और धन देने वाली महान धनस्वरूपा हैं। मुझे धन प्रदान करें और मेरी सभी शुभ इच्छाओं को पूर्ण करें।
पुत्रपौत्र धनं धान्यं हस्त्यश्वादिगवे रथम् ।
प्रजानां भवसि माता युष्मन्तं करोतु माम् ॥
हिंदी अर्थ:
हे माता लक्ष्मी! मुझे पुत्र, पौत्र, धन, अन्न, हाथी, घोड़े, गौएँ और रथ प्रदान करें। आप समस्त प्राणियों की माता हैं, मुझे भी अपने कृपापात्र भक्तों में सम्मिलित करें।
धनमग्निर्धनं वायुर्धनं सूर्यो धनं वसुः ।
धनमिन्द्रो बृहस्पतिर्वरुणं धनमश्नुते ॥
हिंदी अर्थ:
अग्नि, वायु, सूर्य, वसु, इन्द्र, बृहस्पति और वरुण सभी धन और समृद्धि प्रदान करने वाले हैं। उनकी कृपा से धन की प्राप्ति होती है।
वैनतेय सोमं पिब सोमं पिबतु वृत्रहा ।
सोमं धनस्य सोमिनो मह्यं ददातु सोमिनः ॥
हिंदी अर्थ:
हे गरुड़देव! सोमरस का पान करें और इन्द्र भी उसका सेवन करें। सोमदेव मुझे धन, वैभव और समृद्धि प्रदान करें।
न क्रोधो न च मात्सर्य न लोभो नाशुभा मतिः ।
भवन्ति कृतपुण्यानां भक्तानां श्रीसूक्तं जपेत्सदा ॥
हिंदी अर्थ:
जो भक्त श्रद्धा से श्रीसूक्त का जप करते हैं, उनके भीतर क्रोध, ईर्ष्या, लोभ और अशुभ विचार नहीं रहते। वे पुण्यवान और सद्गुणी बनते हैं।
सरसिजनिलये सरोजहस्ते धवलतरांशुक गन्धमाल्यशोभे ।
भगवति हरिवल्लभे मनोज्ञे त्रिभुवनभूतिकरि प्रसीद मह्यम् ॥
हिंदी अर्थ:
हे कमल में निवास करने वाली, हाथों में कमल धारण करने वाली, श्वेत वस्त्रों और सुगंधित मालाओं से शोभायमान, भगवान विष्णु की प्रिय पत्नी तथा तीनों लोकों को ऐश्वर्य देने वाली भगवती! मुझ पर प्रसन्न हों।
विष्णुपत्नीं क्षमां देवीं माधवीं माधवप्रियाम् ।
विष्णोः प्रियसखीं देवीं नमाम्यच्युतवल्लभाम् ॥
हिंदी अर्थ:
मैं भगवान विष्णु की पत्नी, क्षमाशील, माधवी, माधव की प्रिय तथा अच्युत भगवान की प्रिय सखी देवी लक्ष्मी को प्रणाम करता हूँ।
महालक्ष्मी च विद्महे विष्णुपत्नी च धीमहि ।
तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात् ॥
हिंदी अर्थ:
हम महालक्ष्मी को जानते हैं, विष्णुपत्नी का ध्यान करते हैं। वे लक्ष्मी देवी हमारी बुद्धि को प्रेरित करें और हमें सद्मार्ग पर चलाएँ।
श्रीवर्चस्यमायुष्यमारोग्यमाविधात् पवमानं महियते ।
धनं धान्यं पशुं बहुपुत्रलाभं शतसंवत्सरं दीर्घमायुः ॥
हिंदी अर्थ:
इस स्तुति के प्रभाव से यश, दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य, धन, अन्न, पशुधन, अनेक पुत्रों का सुख तथा सौ वर्षों तक का दीर्घ जीवन प्राप्त होता है।
ऋणरोगादिदारिद्र्यपापक्षुदपमृत्यवः ।
भयशोकमनस्तापा नश्यन्तु मम सर्वदा ॥
हिंदी अर्थ:
मेरे सभी ऋण, रोग, दरिद्रता, पाप, भूख, अकाल मृत्यु, भय, शोक और मानसिक कष्ट सदैव के लिए नष्ट हो जाएँ। श्रीमहालक्ष्मी की कृपा से मेरा जीवन सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण हो।
श्री सूक्तम्
श्री सूक्तम् एक अत्यंत पवित्र वैदिक स्तोत्र है, जो माता लक्ष्मी की कृपा, धन, सुख, समृद्धि, सौभाग्य और शांति के लिए पढ़ा जाता है। यह स्तोत्र ऋग्वेद से संबंधित माना जाता है और इसमें देवी लक्ष्मी के दिव्य स्वरूप, गुण, कृपा और आशीर्वाद का सुंदर वर्णन मिलता है।
श्री सूक्तम् का पाठ घर में सकारात्मक ऊर्जा, आर्थिक स्थिरता, मानसिक शांति और शुभता लाने वाला माना जाता है। भक्त इसे विशेष रूप से शुक्रवार, पूर्णिमा, दीपावली, धनतेरस और लक्ष्मी पूजन के दिन पढ़ते हैं।
Benefits of Shree Suktam Stotra
Spiritual Benefits
देवी महालक्ष्मी के प्रति श्रद्धा बढ़ती है
आध्यात्मिक अनुशासन विकसित होता है
ध्यान और भक्ति में सहायता मिलती है
Mental Benefits
सकारात्मक सोच विकसित होती है
मानसिक शांति का अनुभव होता है
मन में स्थिरता आती है
Emotional Benefits
कृतज्ञता की भावना बढ़ती है
आशा और विश्वास मजबूत होते हैं
भावनात्मक संतुलन में सहायता मिलती है
Devotional Benefits
लक्ष्मी उपासना को गहराई मिलती है
पूजा और साधना अधिक अर्थपूर्ण बनती है
वैदिक परंपरा से जुड़ाव बढ़ता है
How To Recite Shree Suktam Stotra
स्नान करें
स्वच्छ वस्त्र धारण करें
पूजा स्थान साफ रखें
Direction
पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करना शुभ माना जाता है
Time
प्रातःकाल
सायंकाल
शुक्रवार विशेष रूप से शुभ
Offerings
कमल पुष्प
दीपक
धूप
फल
नैवेद्य
Number of Recitations
1 बार दैनिक
11 बार विशेष साधना में
108 बार अनुष्ठानिक जप में
Things To Remember
उच्चारण यथासंभव शुद्ध रखें
श्रद्धा और एकाग्रता बनाए रखें
जल्दबाजी न करें
Best Time To Read Shree Suktam Stotra
Daily Practice
सूर्योदय के बाद
संध्या समय
Weekly Recommendation
शुक्रवार
Festival Recommendation
दीपावली
धनतेरस
शरद पूर्णिमा
कोजागरी पूर्णिमा
वरलक्ष्मी व्रत
Special Occasions
गृह प्रवेश
नई शुरुआत
लक्ष्मी पूजा
यज्ञ एवं अनुष्ठान
Rules & Precautions| Traditional Guidelines
स्वच्छता बनाए रखें
श्रद्धा से पाठ करें
शुद्ध उच्चारण का प्रयास करें
Common Mistakes
केवल भौतिक लाभ के लिए पाठ करना
जल्दबाजी में पाठ करना
अर्थ समझे बिना यांत्रिक पाठ करना
Practical Recommendations
अर्थ के साथ पाठ करें
नियमित समय निर्धारित करें
पूजा के बाद कुछ क्षण ध्यान करें
Frequently Asked Questions
1. Shree Suktam Stotra क्या है?
यह महालक्ष्मी को समर्पित एक वैदिक स्तोत्र है जो समृद्धि, शुभता और आध्यात्मिक कल्याण की प्रार्थना करता है।
2. क्या Shree Suktam रोज पढ़ सकते हैं?
हाँ, श्रद्धा और नियमितता के साथ प्रतिदिन पाठ किया जा सकता है।
3. Shree Suktam पढ़ने का सबसे शुभ दिन कौन सा है?
शुक्रवार विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
4. क्या महिलाएँ Shree Suktam का पाठ कर सकती हैं?
हाँ, यह स्तोत्र सभी भक्तों के लिए उपयुक्त है।
5. क्या Shree Suktam रात में पढ़ सकते हैं?
हाँ, शांत मन और श्रद्धा के साथ पढ़ा जा सकता है।
6. क्या शुरुआती लोग Shree Suktam पढ़ सकते हैं?
हाँ, शुरुआत करने वाले भक्त भी इसका पाठ कर सकते हैं।
7. क्या PDF से Shree Suktam पढ़ सकते हैं?
हाँ, किसी विश्वसनीय स्रोत से PDF का उपयोग किया जा सकता है।
8. Shree Suktam और Lakshmi Chalisa में क्या अंतर है?
Shree Suktam वैदिक स्तोत्र है जबकि Lakshmi Chalisa बाद की भक्तिपरक रचना है।
9. क्या Shree Suktam धन प्राप्ति के लिए पढ़ा जाता है?
यह केवल धन के लिए नहीं बल्कि समग्र समृद्धि, शांति और आध्यात्मिक कल्याण के लिए भी पढ़ा जाता है।
10. क्या परिवार के साथ सामूहिक पाठ कर सकते हैं?
हाँ, सामूहिक पाठ अत्यंत शुभ माना जाता है।
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